वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद् (सीएसआईआर) की प्रौद्योगिकियों के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसर पैदा करना
वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद् (सीएसआईआर)-उन्‍नत भारत अभियान (यूबीए)-विज्ञान भारती (विभा) की पहल

डॉ. शेखर चिंतामणि मांडे, महानिदेशक, वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद् (सीएसआईआर) एवं सचिव, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसआईआर); प्रोफेसर वीरेन्‍द्र कुमार विजय, राष्‍ट्रीय समन्‍वयक, यूबीए; डॉ. सुनील कुमार खरे, अध्‍यक्ष, आरएंडडी, आईआईटी, दिल्‍ली; तथा प्रोफेसर रंजना अग्रवाल, निदेशक, सीएसआईआर-निस्‍पर, नई दिल्‍ली; श्री जयंत सहस्रबुधे, राष्‍ट्रीय आयोजन सचिव, विज्ञान भारती तथा श्री प्रवीण रामदास (विभा) की उपस्‍थिति में वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद् (सीएसआईआर), उन्‍नत भारत अभियान (यूबीए) और विज्ञान भारती (विभा) के बीच दिनांक 28 जुलाई 2020 को सहमति ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए गए।

A CSIR-UBA-VIBHA Initiative

28 जुलाई 2020 को सीएसआईआर-निस्‍पर, सत्‍संग विहार परिसर, नई दिल्‍ली में सहमति ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर करने हेतु समारोह

इस सहमति ज्ञापन का उद्देश्‍य कोविड द्वारा उत्‍पन्‍न परिस्‍थिति को ध्‍यान में रखते हुए, उन्‍नत भारत अभियान (यूबीए) तथा विज्ञान भारती (विभा) द्वारा तैयार विशाल देशव्‍यापी नेटवर्क का उपयोग करके सीएसआईआर की प्रौद्योगिकियों के हस्‍तक्षेप के माध्‍यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसर पैदा करने हेतु एक सक्षम मंच प्रदान करना है; विज्ञान नीति अनुसंधान तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रबंधन के क्षेत्र में सीएसआईआर-निस्‍पर की विशेषज्ञता को देखते हुए सीएसआईआर-निस्‍पर को सीएसआईआर की प्रौद्योगिकियों के माध्‍यम से संभावित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी हस्‍तक्षेप के लिए कार्ययोजना तैयार करने हेतु उन्‍नत भारत अभियान (यूबीए) और सीएसआईआर के बीच इंटरफेस के रूप में कार्य करने हेतु नोडल प्रयोगशाला के रूप में नामित किया है। ग्रामीण क्षेत्र के हितधारकों के लाभ के लिए सीएसआईआर की प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन करने हेतु इस सहमति ज्ञापन के भाग स्‍वरूप विभिन्‍न कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इन कार्यक्रमों में 30 सितंबर 2020 को आयोजित सीएसआईआर की प्रौद्योगिकियों का शुभारंभ समारोह शामिल था। इस समारोह में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्‍वी विज्ञान और स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालयों के माननीय मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन जी ने ग्रामीण विकास के लिए सीएसआईआर की प्रौद्योगिकियों को औपचारिक रूप से जारी किया। इस अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों के हितधारकों के लाभ के लिए सीएसआईआर की 4 प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया गया।

इस शुभारंभ समारोह के पश्‍चात 19 मार्च 2021 को ऑनलाइन माध्‍यम से एक अन्‍य कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के हितधारकों और संभावित उपयोगकर्ताओं के सामने सीएसआईआर की कुछ और प्रौद्योगिकियों को प्रस्‍तुत किया गया। सीएसआईआर की प्रौद्योगिकियों का दूसरा सैट 9-10 अप्रैल 2021 के दौरान शिलौंग, मेघालय में उत्‍तर-पूर्व टेक्‍नोलॉजी अनुप्रयोग एवं अनुसंधान केंद्र द्वारा आयोजित टेक्नोलॉजी कॉन्‍क्लेव में व्‍यक्‍तिगत रूप और ऑनलाइन माध्‍यम दोनों से प्रदर्शित किया गया। अब तक सीएसआईआर, उन्‍नत भारत अभियान और विज्ञान भारती के संयुक्‍त प्रयासों के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के उचित विकास के लिए हितधारकों के सामने लगभग 30 से अधिक सीएसआईआर की प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया जा चुका है। सीएसआईआर की प्रौद्योगिकियों के इस प्रदर्शन के परिणामस्‍वरूप, देश के 4 राज्‍यों- मणिपुर, गुजरात, पश्‍चिम बंगाल और उत्‍तराखंड राज्‍यों के लगभग 40 उन्‍नत भारत अभियान संस्‍थानों ने अपने-अपने निकटवर्ती गॉंवों में सीएसआईआर की एक या अधिक प्रौद्योगिकियों को लागू करने में अपनी रुचि व्‍यक्‍त की है। इसलिए रुचि रखने वाले हितधारकों के साथ चर्चा बैठकों की श्रंखला आयोजित की जा रही है जिससे ग्राम प्रधानों, स्‍वयंसेवकों, गैर-सरकारी संगठनों और स्‍वयं सहायता समूहों इत्‍यादि समेत उन्‍नत भारत अभियान नेटवर्क के माध्‍यम से प्रौद्योगिकी के संभावित प्राप्‍तकर्ताओं को प्रौद्योगिकी हस्‍तांतरण के लिए तौर-तरीकों पर चर्चा की जा सके। अब तक, क्रमश: सीएसआईआर-आईएचबीटी, पालमपुर द्वारा विकसित शिताके मशरूम उत्‍पादन तथा प्रसंस्‍करण प्रौद्योगिकी और सीएसआईआर-आईआईपी, देहरादून द्वारा विकसित उन्‍नत गुर भट्टी टेक्‍नोलॉजी के लिए इस प्रकार की दो बैठकों का आयोजन किया जा चुका है।