डॉ. गीता वाणी रायसम, निदेशक, सीएसआईआर-निस्पर
डॉ. गीता वाणी रायसम, निदेशक, सीएसआईआर-निस्पर (8 सितंबर 2025) एक अत्यंत अनुभवी और निपुण वैज्ञानिक हैं, जिन्हें शिक्षा जगत, उद्योग, भारत सरकार और विदेशों में कार्य करने का व्यापक अनुभव प्राप्त है। डॉ. रायसम ने आईआईएससी बेंगलुरु से जैव रसायन विज्ञान में पीएचडी की है और उन्हें आईजीबीएमसी, फ्रांस और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ, अमेरिका में पोस्ट-डॉक्टरल अनुभव प्राप्त है। उन्होंने रैनबैक्सी (दाइची-सांक्यो) और स्मार्ट एनालिस्ट जैसे उद्योगों में वरिष्ठ वैज्ञानिक के रूप में नई दवाओं की खोज और विकास के क्षेत्र में कार्य किया है।
डॉ. रायसम वर्ष 2011 से सीएसआईआर में विभिन्न भूमिकाओं में कार्यरत रही हैं और उन्होंने सीएसआईआर-आईजीआईबी में ओपन सोर्स ड्रग डिस्कवरी (ओएसडीडी) कार्यक्रम और व्यवसाय विकास एवं उद्योग गठबंधन प्रमुख के रूप में व्यापक योगदान दिया है। इसके पश्चात वे सीएसआईआर मुख्यालय में विज्ञान संचार एवं प्रसार निदेशालय (एससीडीडी) की प्रमुख रहीं और कई नवीन पहलों का प्रारम्भ करने, सीएसआईआर की पहुंच जन-जन तक बढ़ाने और कोविड- 19 महामारी के दौरान सीएसआईआर के योगदान को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डॉ. रायसम को फरवरी 2022 में उत्कृष्ट वैज्ञानिक और सीएसआईआर मानव संसाधन विकास समूह (एचआरडीजी) की प्रमुख नियुक्त किया गया। एचआरडीजी प्रमुख के रूप में उन्होंने फैलोशिप वितरण, सीएसआईआर-यूजीसी-नेट परीक्षा और एक्स्ट्रा म्यूरल रिसर्च ग्रांट, भटनागर फेलोशिप आदि को सुव्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में महिला वैज्ञानिकों के लिए एस्पायर अनुदान, नव स्थापित आरवीपी पुरस्कार, विभिन्न आवेदन प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण और जिज्ञासा आउटरीच प्लेटफॉर्म के तहत कई नवीन पहल आरंभ की गईं।