लोकप्रिय विज्ञान विभाग (पीएसडी) तथा ओडियो विजुअल तथा मल्टीमीडिया (एवीएम)

विज्ञान का लोकप्रियकरण तथा भारतीय नागरिकों के एक विस्तीर्ण भाग को वैज्ञानिक सूचनाओं का प्रचार प्रसार सीएसआईआर का एक मुख्य उद्देश्य रहा है जिसे सीएसआईआर-निस्पर के लोकप्रिय विज्ञान विभाग (पीएसडी) के द्वारा पूर्ण किया जा रहा है।

लोकप्रिय विज्ञान पत्रिकाएं: लोकप्रिय विज्ञान विभाग अपनी सुप्रसिद्ध तीन लोकप्रिय विज्ञान पत्रिकाओं: सांइस रिपोर्टर (अंग्रेजी मासिक), विज्ञान प्रगति (हिन्दी मासिक) तथा सांइस की दुनिया (उर्दू त्रैमासिक) के द्वारा विज्ञान को जनमानस के मध्य ले जाने का कार्य कर रहा है। ये पत्रिकाएं विश्व के हर क्षेत्र के वैज्ञानिक मुद्दों का विस्तीर्ण प्रसार, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के विशेषज्ञों का साक्षात्कार, वैज्ञानिक तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थानों का विवरण; शीर्ष के विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों, विज्ञान प्रशासक तथा विज्ञान नीति निर्माताओं के समसामयिक विषयों पर विचार प्रस्तुति आदि उपलब्ध कराती है। यह पत्रिका हास्य, आश्चर्यचकित करने वाले वैज्ञानिक तथ्यों, नवाचारों, खोजों, विज्ञान गल्प, विज्ञान कार्टून, प्रश्नोत्तरी, अन्ताक्षरी तथा अन्य बहुत सी हल्की फुल्की वैज्ञानिक पठन सामग्री पर भी सुलभता प्रदान करती है। यह पत्रिका उभरते विज्ञान लेखकों को विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी में उनकी लेखन प्रतिभा को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच भी प्रदान करती है।

सीएसआईआर-निस्पर की लोकप्रिय विज्ञान पत्रिकाएं देश भर में वितरित की जाती हैं। अपनी समसामयिक पठन सामग्री, उत्कृष्ट उत्पादन गुणवत्ता तथा समयबद्धता के कारण ये पत्रिकाएं की देश की सर्वाधिक विकने वाली लोकप्रिय विज्ञान पत्रिकाओं में सम्मिलित हैं।

आर एण्ड डी न्यूजलैटर: सीएसआईआर-निस्पर का लोकप्रिय विज्ञान विभाग (पीएसडी) सीएसआईआर के मासिक न्यूजलैटर यथा सीएसआईआर न्यूज तथा सीएसआईआर समाचार के प्रकाशन का कार्य भी करता है जो विभिन्न हितधारकों के मध्य सीएसआईआर प्रयोगशालाओं की आर एण्ड डी उपलब्धियों के विषय में सूचनाओं को प्रदर्शित तथा प्रसारित करते हैं।

राजभाषा इकाई: सीएसआईआर-निस्पर की राजभाषा इकाई भी लोकप्रिय विज्ञान विभाग का ही एक अंग हैं। राजभाषा इकाई भारतीय संविधान के अनुच्‍छेद 343 से 351 के अन्तर्गत निर्दिष्ट राजभाषा नीतियों के संस्थान में पूर्णतः अनुपालन को आश्वस्त करती है। संस्थान में निरंतर राजभाषा हिन्दी के प्रगामी प्रयोग में उत्तरोत्तर वृद्धि के प्रयास किए जाते हैं तथा संस्थान के अधिकारियों तथा कार्मिकों को राजभाषा अधिनियम की धारा/नियम/नीति-निर्देशों के अनुपालन में सहायता की जाती है।

राजभाषा इकाई संस्थान में राजभाषा को बढ़ाने के लिए प्रतिवर्ष विभिन्न विषयों पर कार्यशाला, व्याख्यान तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करती है। यह प्रतिवर्ष हिेदी दिवस (14 सितंबर) के उपलक्ष्‍य में हिन्दी मास का आयोजन भी करती है। इस अवधि में अनेक प्रतियोगिताएं यथा टिप्पण/आलेखन, निबन्ध लेखन, कविता पाठ, वाद-विवाद, समाचार वाचन, यूनिकोड टंकण, प्रश्नोत्तरी आदि का भी आयोजन करती है।

राजभाषा इकाई को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (उ. दि.) द्वारा पिछले चार वर्षों 2015-16, 2016-17, 2017-18 एवं 2018-19 में मध्यम श्रेणी के कार्यालायों के लिए प्रथम पुरस्कार प्रदान किए गए हैं।

राजभाषा इकाई, राजभाषा पत्रिका ‘नवसंचेतना’ का प्रकाशन भी करती हैं। यह अर्धवार्षिक हिन्दी प्रकाशन संस्थान के कार्मिकों को अपनी सृजनशीलता को बढ़ाने का एक अवसर प्रदान करता है। राजभाषा इकाई संस्थान की वेवसाइट के हिन्दी रूपान्तर के लिए भी उत्तरदायी है।

लोकप्रिय विज्ञान पुस्तकें- सीएसआईआर-निस्पर के विज्ञान लोकप्रियकरण के एक भाग के रूप में लोकप्रिय विज्ञान विभाग (पीएसडी) विभिन्न सामयिक विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी विषयों पर लोकप्रिय विज्ञान पुस्तकें प्रकाशित करता है जो विशेषज्ञों द्वारा लिखी जाती हैं तथा सुबोध तथा सुचित्रित रूप में प्रस्तुत की जाती हैं।

ओडियो विजुअल मीडिया:- सीएसआईआर-निस्पर का लोकप्रिय विज्ञान विभाग, ओडियो-विजुअल मीडिया के द्वारा भी विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी सूचना का प्रचार-प्रसार करने की योजना बना रहा है। इस योजना में विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा चिकित्सा (एसटीएम) के उभरते क्षेत्रों, नवीन घटनाओं, भारतीय वैज्ञानिक स्थापनाओं पर वृतचित्रों, प्रसिद्ध वैज्ञानिकों के साक्षात्कार; आगामी वैज्ञानिक परियोजनाओं पर कार्यक्रम, विज्ञान नीति एवं कैरियर के अवसर,इत्यादि पर कार्यक्रम सम्मिलित हैं।