राष्ट्रीय विज्ञान पुस्तकालय एवं आईएसएसएन (ISSN) केंद्र
राष्ट्रीय विज्ञान पुस्तकालय (एनएसएल)की स्थापना वर्ष 1964 में की गई जिसका उद्देश्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा सूचना सेवाओं का एक व्यापक क्षेत्र प्रदान करना था। एनएसएल का एक प्रमुख उद्देश्य देश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रकाशनों का एक समावेशी संग्रहण का निर्माण करना है तथा राष्ट्रीय स्तर पर सेवाएँ भी प्रदान करना है। एनएसएल की अभिग्रहण नीति का उद्देश्य देश में प्रकाशित सम्बद्ध विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रकाशनों को संग्रहण एवं जहां तक संभव हो इलेक्ट्रानिक प्रारूप में जर्नल्स के अभिग्रहण द्वारा विदेशी पिरियोडिकल्स के आधार को शसक्त बनाना है।
एनएसएल में लगभग 2,51,000 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकलन (प्रिंट) हैं जिनमें पुस्तक, मोनोग्राफ, जर्नल्स के साजिल्द खंड, प्रतिवेदन, थीसिस/डिजर्टेशन , हैंडबुक, शब्दकोश, स्टैंडर्ड्स तथा पेटेन्स इत्यादि शामिल हैं। एनएसएल अभिग्रहण नीति का उद्देश्य उच्च स्तरीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संदर्भ स्रोतों पर फोकस के साथ भारतीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रकाशन, विदेशी भाषाओं के शब्दकोश, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कम्प्युटर विज्ञान, सम्मेलन छवि, तकनीकी रिपोर्ट तथा देश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी समुदाय से सम्बद्ध अन्य स्रोत को संसाधित करना है। एक राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सूचना स्रोत के रूप में सेवा प्रदान करने के इतर, यह सीएसआईआर-निस्पर के अन्य गतिविधियों के निष्पादन में सहयोग प्रदान करता है जैसे- इंडियन साइंस एब्सट्रैक्ट, मेडिसिनल एवं ऍरोमेटिक प्लांट्स एब्स्ट्रैक्ट (मापा) भारत की सम्पदा का संकलन तथा डॉक्यूमेंट सप्लाई सर्विस इत्यादि। अधिक जानकारी के लिए http://nsl.niscpr.res.in/ पर सम्पर्क किया जा सकता है।
इंटरनेशनल स्टैंडर्ड सीरियल नंबर (ISSN) एक विशेष पहचान कोड है जो संवर्धित संसाधनों अथवा सीरियल प्रकाशनों जैसे- सीरियल्स, जर्नल्स, समाचारपत्र, पत्रिकाएँ, न्यूज लैटर , मोनोग्राफिक सीरीज, इत्यादि के लिए एक परिभाषित माध्यम में निर्दिष्ट किया जाता है। आईएसएसएन का प्रयोग प्रकाशकों, आपूर्तिकर्ताओं, पुस्तकालयों सूचना सेवाओं, बारकोडिंग प्रणालियों, युनियन कैटालॉग इत्यादि के द्वारा सीरियल्स के साइटेशन तथा प्राप्ति यथा –जर्नल्स, समाचारपत्र, न्यूजलैटर, पत्रिकाएँ, निर्देशिकाएं, वार्षिकी, वार्षिक प्रतिवेदन एवं मोनोग्राफ सीरीज इत्यादि के लिए किया जाता है। आईएसएसएन राष्ट्रीय केंद्र, भारत विश्ववार 89 राष्ट्रीय केन्द्रों के नेटवर्क में से एक है। 1986 से राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं नीति अनुसंधान संस्थान (पूर्व में इंसडॉक/निस्केयर) को भारत में प्रकाशित सीरियल्स/पिरियोडिकल्स के लिए आईएसएसएन निर्दिष्ट करने के लिए अधिकृत किया गया है। यह केंद्र भारतीय रिकॉर्ड को आईएसएसएन नम्बर के वैश्विक डाटाबेस (जिसे आईएसएसएन रजिस्टर कहा जाता है, तथा जिसे आईएसएसएन अंतर-राष्ट्रीय केंद्र (मुख्या. पेरिस) द्वारा संरक्षित किया जाता है) तक पहुंचाने के लिए भी उत्तरदायी होता है। आईएसएसएन निर्दिष्ट पिरियोडिकल्स पिरियोडिकलस अंतर्राष्ट्रीय डाटाबेस, पेरिस में पंजीकृत होते हैं। आईआईएसएन के लाभ के अंतर्गत सीरियल्स की अंतर्राष्ट्रीय प्रचार एवं पहचान तथा स्वचालित रूप से इंटरनेशनल सीरियल्स डायरेक्टरी डाटाबेस में उनका समावेशन सम्मिलित है। अभी तक राष्ट्रीय आईएसएसएन केंद्र, भारत ने भारत में प्रकाशित सीरियल्स/पीरियोडिकल्स के लिए लगभग 24,500 आईएसएसएन निर्दिष्ट किए हैं। भारतीय राष्ट्रीय केंद्र ने आईएसएसएन के लिए आईएसएसएन निर्दिष्ट इंडियन सीरियल्स-2017 एवं 2018 की डायरेक्टरी भी निकाला। इसके लिए संबद्ध व्यक्ति- डॉ. दिनेश वेलिप; dvelip@niscpr.res.in से सम्पर्क किया जा सकता है।
राष्ट्रीय विज्ञान पुस्तकालय वैज्ञानिकों तथा संस्थानों के शोध पत्रों की बिबिलियोमेट्रिक/ साइंटोमेट्रिक विश्लेषण; नॉन-एससीआई जर्नल्स (non-SCI journals) के इम्पैक्ट फैक्टर की गणना तथा शैक्षिक तथा शोध संस्थानों के शोध पत्रों के विस्तृत विश्लेषण के कार्यों में संलग्न है। बिबिलियोमेट्रिक/ साइंटोमेट्रिक सेवाएँ किसी शोध क्षेत्र के विकास, संवर्धन एवं प्रसार के अध्ययन तथा उत्कृष्टता केन्द्रों एवं प्रतिष्ठित लेखकों इत्यादि की पहचान के लिए प्रदान की जाती है। ये सेवाएँ विभागों/संस्थानों, शोध योजनाकर्ताओं, नीति-निर्माताओं के प्रमुखों तथा वैज्ञानिकों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। बिबिलियोमेट्रिक सेवाओं के अंतर्गत विशिष्ट वैज्ञानिकों, संस्थानों तथा प्रतिष्ठित पुरस्कारों यथा- भटनागर पुरस्कार, युवा वैज्ञानिक पुरस्कार के नॉमिनी इत्यादि के शोध पत्रों का साइटेशन विश्लेषण शामिल होता है। इन सभी के अतिरिक्त, अनुरोध पर नॉन-एससीआई (साइंस साइटेशन इंडेक्स) के लिए जर्नल इम्पैक्ट फैक्टर (आईएफ) की गणना की जाती है।
- साइटेशन इंडेक्स: यह दर्शाता है कि विश्व साहित्य में दिया गया लेख कितनी बार तथा कहाँ उद्धृत किया गया है।
- नॉन-एससीआई जर्नल्स (non-SCI journals) के इम्पैक्ट फैक्टर: जर्नल के इम्पैक्ट फैक्टर का तात्पर्य उस आवृत्ति से है, जिसमें किसी जर्नल के औसत लेख को एक वर्ष विशेष में उद्धृत किया जाता है।
- संस्थान/परियोजना विश्लेषण: इसके अंतर्गत किसी संस्थान के द्वारा प्रकाशित शोधपत्रों का विश्लेषण, लेखक की सृजनात्मकता का विवरण, जर्नल चयन, इम्पैक्ट फैक्टर का विश्लेषण, विषय विकास की प्रवृत्ति इत्यादि शामिल होती है।
| सेवाओं का शीर्षक | प्रभार |
|---|---|
| साइटेशन विवरण | रु. 1000/- दो वर्ष की अवधि के लिए 10 पृष्ठ अथवा उससे कम के एक सैट हेतु। रु. 60/- प्रत्येक अतिरिक्त वर्ष के लिए अतिरिक्त 10 पृष्ठ के एक सैट हेतु। |
| गैर-एससीआई पत्रिकाओं का प्रभाव कारक | रु. 3000/- एक वर्ष अथवा उससे कम की अवधि में लगभग 100 लेखों के प्रति जर्नल प्रति वर्ष प्रकाशन हेतु रु. 500 प्रति अतिरिक्त 20 लेखों अथवा उसके एक भाग के लिए । आईएफ–कैलकुलेशन के लिए तीन वर्ष के जर्नल प्रकाशनों के औसत को नॉन-एससीआई जर्नल्स के आईएफ –कैलकुलेशन सर्विस के आकलन की गणना के लिए एक जर्नल में प्रकाशित सभी लेखों को सम्मिलित माना जाएगा। |
| संस्थान/परियोजना विवरण | संस्थान के लिए रु. 25,000+ रू. 500/- प्रति घंटा लगाए गए मैनपावर हेतु। |
• व्यस्त समय में सामान्य दर से पृथक 50% का प्रभार लिया जायेगा।
सम्पर्क व्यक्ति-यतीश पवार; ईमेल- yatish@niscpr.res.in
नुक्स्सी (NUCSSI): नेशनल युनियन कैटालॉग ऑफ साइंटिफिक सीरियल्स इन इंडिया (NUCSSI) एक पहला स्वदेशी डाटाबेस है जो जर्नल्स होल्डिंग सूचना के एक्सेस के लिए एक महत्वपूर्ण टूल के रूप में सेवा प्रदान करता है। नुक्स्सी अधिक संख्याओं वाले विशिष्ट जर्नल्स शीर्षकों तथा पुस्तकालय संसाधनों जो प्रमुख राज्य एवं केंद्रीय विश्वविद्यालयों, वैज्ञानिक एवं तकनीकी संस्थानों, शोध एवं विकास औद्योगिक इकाइयों, उच्च संस्थानों जैसे आईआईएससी (IISC), आईआईटीज (आईआईटीज) तथा देश भर में फैले व्यावसायिक संस्थानों का एक विशाल डाटा संग्रह है। यह पुस्तकालयों में उपलब्ध जर्नल के शीर्षकों की उपलब्धता के संबंध में सूचना प्रदान करता है। वर्तमान में इसके अंतर्गत 572 पुस्तकालय हैं जिसमें लगभग 2,67,881 जर्नल्स होल्डिंग है। नुकस्सी को http://nucssi.niscair.res.in पर एक्सेस किया जा सकता है।
सम्पर्क व्यक्ति: सुश्री मोनिका शर्मा; ईमेल: monikasharma@niscpr.res.in