Please use this identifier to cite or link to this item: http://nopr.niscair.res.in/handle/123456789/7983
Title: विलय जैल से पाप्त जिंक ऑक्साइड की तनु फिल्म का अभिलक्षणन और संवेदकों के अनुप्रयोगों में उनकी युक्तियों का महत्व
Authors: बहादुर, हरीश
श्रीवास्तव, ए के
रश्मि
चन्दर, हरीश
बासु, ए
तिवारी, एम के
शर्मा, आर के
सूद, के एन
रामकिशोर
सामन्ता, एस बी
चंदा, सुधीर
Issue Date: Jun-2009
Publisher: CSIR
Abstract: जिंक ऑक्साइड के 25 %<i style=""> </i>विलय का प्रयोग करने पर इसके षटकोणीय आकृति के नैनोकण इच्छित C-अक्ष की दिशा में बनते हैं। चयनित क्षेत्र इलेक्ट्रॉन विवर्तन पैटर्नों ने दिखाया है कि<i style=""> </i>12.5<i style=""> </i>विलय के साथ बनी फिल्में 100 और<i style=""> </i>002<i style=""> </i>तलों का पदर्शन करती हैं जबकि <i style="">25 </i>विलय फिल्मों ने 100, 002, 102<i style=""> </i>और 201<i style=""> </i>तलों को उजागर किया है। पकाशसंदीप्ति स्पेक्ट्रा (<i style="">चित्र </i>6)<i style=""> </i>ने (ZnO) क़्रिस्टलाणुओं के क्वांटम परिरोधन के अनुरूप षटकोर उत्सर्जन को दिखाया है। 15nm<i style=""> </i>की उच्च ऊर्जा <i style="">(</i>ब्लू शिफ्ट<i style="">) </i>की ओर षटकोर उत्सर्जन में परिवर्तन 12.5%<i style=""> </i>विलय का प्रयोग करके निर्मित की गई फिल्म के सूक्ष्मतर (ZnO)<i style=""> </i>कणों के लिए देखा गया है। एक संरचनात्मक गुण सहसंबंध पूरा किया गया है ताकि विविध वृद्धियों को पभावित करने वाली विलय सांदता की क़्रियाविधि को तथा (ZnO)<i style=""> </i>नैनोसंरचनाओं  के फलकीकरण और बाद में उनके संदीप्ति पर पभाव को समझा जा सके। इन परिणामों का अनुप्रयोग नैनोइलेक्ट्रॉनिक दाब वैद्युत संवेदकों में होगा।
Description: 79-81
URI: http://hdl.handle.net/123456789/7983
ISSN: 0975-2412 (Online); 0771-7706 (Print)
Appears in Collections:BVAAP Vol.17(1) [June 2009]

Files in This Item:
File Description SizeFormat 
BVAAP 17(1) 79-81.pdf717.35 kBAdobe PDFView/Open


Items in NOPR are protected by copyright, with all rights reserved, unless otherwise indicated.