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Title: आवर्त सारणी का नवीनतम सदस्य
Authors: दुबे, अरविन्द
Issue Date: Dec-2010
Publisher: निस्केयर- सी एस आई आर, भारत
Abstract: सन् 1869 में जब रूसी रसायनज्ञ दिमित्री इवानोविच मेंडलीव ने तब तक ज्ञात 63 तत्वों को उनके परमाणु भार के क्रम में सजाने के लिए अपनी आवर्त सारणी (पीरियोडिक टेबल) की रचना की तो इसमें उनका ध्यान तत्वों के परमाणु भार की अपेक्षा उनके रसायनिक गुणों पर अधिक था। आज की प्रचलित आवर्त सारणी से जब हम मेंडलीव की आवर्त सारणी की तुलना करते हैं तो पता लगता है कि मेंडलीव ने अपनी कुशल सूझ-बूझ से अनजाने में ही तत्वों को उनके परमाणु क्रमांक के अनुसार व्यवस्थित कर दिया था। ऐसा करते समय उन्हें लगा कि आवर्त सारणी में कुछ स्थान ऐसे भी आते हैं जहां सारणी का क्रम टूटता है। इस बात ने मेंडलीव को बहुत समय तक उलझाए रखा। उनकी समझ में नहीं आ रहा था कि ऐसा क्यों होता है? अंततः उन्होंने एक निष्कर्ष निकाला। उन्हें लगा कि जहां सारणी का क्रम टूटता है, वहां पर निश्चय ही कोई और तत्व होना चाहिए था जिसकी जानकारी शायद अभी किसी को नहीं है। अतः उन्होंने ऐसे स्थानों के लिए "मिसिंग एलीमेन्ट्स" की भविष्यवाणी की। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर रखे जाने वाले तत्वों की अभी खोज होनी बाकी है। यही नहीं, उन्होंने इन अनजाने तत्वों के गुणों की भी भविष्यवाणी कर दी थी।
Description: 45-46
URI: http://hdl.handle.net/123456789/12564
ISSN: 0042-6075
Appears in Collections:VP Vol.59(12) [December 2010]

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