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VP Vol.60 [2011] >
VP Vol.60(03) [March 2011] >
| Title: | विज्ञान ने लौटाया खनिकों को जीवन |
| Authors: | वेंकटेश्वरण, टी.वी. गुप्ता, नवनीत कुमार |
| Issue Date: | Mar-2011 |
| Publisher: | निस्केयर- सी एस आई आर, भारत |
| Abstract: | विज्ञान वरदान है या अभिशाप इस बात पर हमेशा से बहस होती रही है। असल में विज्ञान स्वयं वरदान या अभिशाप नहीं है, यह तो उसे उपयोग करने वालों पर ही निर्भर करता है कि वे उसका उपयोग किस प्रकार करते हैं। वैसे देखा जाए तो विज्ञान वरदान ही है क्योंकि मूल मानवीय स्वभाव (या कहें मानव धर्म) तो केवल सृजनात्मकता को प्राथमिकता देता है। इस प्रकार सृजनात्मक का आधार बनकर वरदान ही बनता है। विज्ञान विभिन्न परिस्थितियों में जीवनदाता के रूप में भी अपनी भूमिका निभाता है। बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति का दवाओं से ठीक होना, दुर्घटनाओं के दौरान चोटिल व्यक्ति का उपचार से बचना एवं भीषण दुर्घटनाओं के दौरान विज्ञान एवं प्रौद्योगकी की मदद से अनेक लोगों को जीवनदान मिलना विज्ञान के कारण ही संभव हो पाया है। विज्ञान का ऐसा ही चमत्कार 13 अक्तूबर 2010 को चिली की सॉन जोस खदान में भी देखने को मिला। जबकि इस खदान में फंसे 33 मजदूरों को सकुशल निकाल लिया गया और पूरी दुनिया ने इस कार्य के लिए विज्ञान का आभार प्रकट किया। |
| Page(s): | 47 |
| CC License: | सी सी एट्रीब्यूशन- नॉनकर्मेशियल- नो-डेरिवेटिव वर्क्स 2.5 इण्डिया |
| ISSN: | 0042-6075 |
| Source: | VP Vol.60(03) [March 2011]
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