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Title: नक्कालों की दुनिया
Authors: पालीवाल, अजय मोहन
Issue Date: Nov-2010
Publisher: निस्केयर- सी एस आई आर, भारत
Abstract: आपने लोकप्रिय विज्ञान की अपनी इस प्रिय पत्रिका के पिछले अंक (सितम्बर 2010) की आमुख कथा 'इंसान बना भगवान' के अंतर्गत एक नवीन जीवाणु माइकोप्लाज्मा जैनिटेलियम की रचना करने वाली क्रैग वेन्टर की टीम के बारे में अवश्य पढ़ा होगा। इस टीम में तीन भारतीय, यथा प्रशांत परमार, राधा कृष्णकुमार व संजय वाशी भी शामिल हैं। इन वैज्ञानिकों की कम्प्यूटर आधारित यह खोज रचनात्मक होने के साथ-साथ ऐतिहासिक महत्व रखती है, क्योंकि उनके इस अध्ययन ने वैज्ञानिकों के लिए कुछ नए द्वार खोल दिये हैं। वास्तव में कम्प्यूटर की दुनिया निराली ही है। एक ओर कम्प्यूटर जहां प्रगति में सहायक है वहीं दूसरी ओर इसकी अद्भत क्षमताओं का लाभ नक्काल लोग बखूबी उठा रहे हैं।
Description: 33-36
URI: http://hdl.handle.net/123456789/11277
ISSN: 0042-6075
Appears in Collections:VP Vol.59(11) [November 2010]

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