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Title: रहस्य आतिशबाज़ी का
Authors: खान, मोहम्मद अज़हर
Issue Date: Nov-2010
Publisher: निस्केयर- सी एस आई आर, भारत
Abstract: दीपावली हो या नया साल, शादी हो या पार्टी, हर त्यौहार और हर खुशी के मौके पर आप सभी ने आतिशबाज़ी का लुत्फ उठाया होगा। गांव हो या शहर, देश हो या विदेश हर जगह आतिशबाज़ी का रिवाज़ है। आतिशबाज़ी सिर्फ खुशियों के मौकों एवं मनोरंजन तक ही सीमित नहीं है जबकि आपातकाल में हमारी मदद के लिए भी यह अहम् भूमिका निभाती है। जैसा कि 14 अप्रैल सन् 1912 को टाइटैनिक नामक समुद्री जहाज जब बर्फ के विशाल हिमखण्ड से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था तब दूर तक संकेत भेजने के लिए उस सुनसान और काली सर्द रात में भी आतिशबाज़ी का ही प्रयोग किया गया था। यह सिलसिला आज तक जारी है। यद्यपि ही कुछ जहाजों पर अब होम्ज़ संकेत प्रयोग में लाये जा रहे हैं किन्तु आतिशबाज़ी का अपना एक अलग ही महत्व है।
Description: 11-15
URI: http://hdl.handle.net/123456789/11273
ISSN: 0042-6075
Appears in Collections:VP Vol.59(11) [November 2010]

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