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VP Vol.59 [2010] >
VP Vol.59(10) [October 2010] >
| Title: | जब तेल परसता है! |
| Authors: | शर्मा, कुलदीप |
| Issue Date: | Oct-2010 |
| Publisher: | निस्केयर- सी एस आई आर, भारत |
| Abstract: | व्यावसायिक नगरी मुम्बई की शान हिलोरें लेता समुद्र अक्सर चर्चा में रहता है। कभी कहर ढा कर तो कभी कहर पा कर। पिछले दिनों यह फिर चर्चा में आया, जब दक्षिणी मुम्बई समुद्र तट से लगभग पांच किलोमीटर दूर दो मालवाहक जहाज एमएससी चित्रा और मर्चेट वेसल खलीज़िया-III टकरा गए। नतीजन 2600 टन तेल से लदा जहाज 80 डिग्री तक झुक गया और साढ़े चार सौ टन तेल रिस कर लहरों पर जा बैठा। तैलीय कहर से केवल समुद्र की सांसें ही नहीं रूकीं बल्कि उसमें शरण लिए समुद्री जीव-जंतु भी प्रभावित हो गए, आसपास का पर्यावरण प्रदूषित हुआ सो अलग। प्रस्तुत है समुद्र में पसरते तेल पर एक शोध परक रिपोर्ट। |
| Page(s): | 5-10 |
| CC License: | सी सी एट्रीब्यूशन- नॉनकर्मेशियल- नो-डेरिवेटिव वर्क्स 2.5 इण्डिया |
| ISSN: | 0042-6075 |
| Source: | VP Vol.59(10) [October 2010]
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