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Title: पोषण के नये क्षितिज जंगली फल
Authors: शुक्ल, प्रवीण कुमार
Issue Date: Feb-2011
Publisher: निस्केयर- सी एस आई आर, भारत
Abstract: मानव सभ्यता के प्रादुर्भाव के पूर्व से ही जंगली फल मानव भोजन का साधन रहे हैं। इनके पोषण व औषधीय गुणों की सूचना एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक दी जाती रही है, जिनका उपयोग वर्तमान में उन्नतशील औद्यानिकी विकसित करने में किया गया है। जंगली फलों के पौधे न केवल खाने योग्य फल देते हैं बल्कि ईंधन, पशुओं का चारा, दवायें व अन्य उपयोगी पदार्थ भी देते रहते हैं। विपरीत परिस्थितियों के प्रति सहिष्णुता जंगली फलों का महत्वपूर्ण गुण है जिसके कारण वे जलवायु व भूमि की प्रतिकूल दशाओं में असंख्य रोगों व कीटों के आक्रमण के बावजूद सफलतापूर्वक उगते रहते हैं और बिना किसी निवेश के फल देते रहते हैं। सौभाग्य से जंगली फलों की बड़ी संख्या प्रति वर्ष फल देती है जिससे प्राकृतिक साधनों का पूर्ण उपयोग संभव हो पाता है।
Description: 58-62
URI: http://hdl.handle.net/123456789/11144
ISSN: 0042-6075
Appears in Collections:VP Vol.60(02) [February 2011]

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