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Title: मानव जीनोम के दस वर्ष
Authors: दयाल, नरसिंह
Issue Date: Sep-2010
Publisher: निस्केयर- सी एस आई आर, भारत
Abstract: जीनोम अनुक़्रमण 21वीं सदी के जीवविज्ञान की प्रमूर्ति (आइकॉन) है। इस सदी के प्रथम वर्ष का 26 जूल इस बात के लिए याद किया जाएगा कि मनुष्य के प्रथम जीनोम का प्रारंभिक मानचित्र अमरीका के आण्विक जीवविज्ञानियों की दो टोलियों, जिसके अगुआ थे सेलेरा जीनोमिक्स, के क़्रेग वेंटर और राष्ट्रीय मानव जीनोम अनुसंधान संस्थान के फ़्रांसिस कॉलिंस द्वारा संयुक्त रूप से व्हाइट हाउस के पूर्वी कक्ष में अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की उपस्थिति में उदघोषित हुआ। इसे अब तक के विज्ञान की महानतम उपलब्धि माना गया है। इस मानचित्र में मानव जीनोम को संचालित करने वाले तमाम निर्देश वर्तमान हैं। मानव शरीर जैवरासायनिक प्रक़्रियाओं का एक पिटारा है। इसकी सारी क़्रियाएं और व्यवहार एक सूचना पद्धति पर निर्भर हैं जो एक प्रकार की निर्देश संहिता है। मानव शरीर की तीन अरब कोशिकाओं में से प्रत्येक के केंद्रक में यह जीनोम 23 जोड़ी गुणसूत्रों, जो मुख्यतः डीएनए द्वारा निर्मित होते हैं, बंटा होता है। कोशिका का संपूर्ण डीएनए और इसमें निहित सूचनाएं ही जीनोम है। मानव जीवन का मानचित्र तैयार करना जीव विज्ञान के इतिहास में ही नहीं, मानव इतिहास में भी एक महत्वपूर्ण क़्रांतिकारी अध्याय है। यह हमारे जीवन की पुस्तक की कुंजी है। अभी इन निर्देशों को कंप्यूटर ही पढ़ सकते हैं। लेकिन विज्ञानियों का दावा है कि आने वाले वर्षों में हमें जीवन के सभी निर्देशों की कुंजी मिल जाएगी। एक दशक में ही जीनोम अनुक़्रमण में आशातीत प्रगति हुई है और यह जारी है।
Description: 33-36
URI: http://hdl.handle.net/123456789/10425
ISSN: 0042-6075
Appears in Collections:VP Vol.59(09) [September 2010]

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