Please use this identifier to cite or link to this item: http://nopr.niscair.res.in/handle/123456789/10423
Title: अवसादी व्यक्तित्व - समस्याएं और समाधान
Authors: अग्रवाल, जे. एल.
Issue Date: Sep-2010
Publisher: निस्केयर- सी एस आई आर, भारत
Abstract: हर व्यक्ति की सोच-समझ, व्यवहार, कार्य करने की इच्छा और व्यक्तित्व भिन्न-भिन्न होते हैं। व्यक्तित्व, जीवन के प्रति नजरिए, जीवन से संतुष्टि, सुख-दुःख, सफलता-असफलता और आत्मविश्वास का प्रतिबिम्ब होता है। कुछ लोगों का व्यक्तित्व प्रभावशाली होता है और वे आसपास मौजूद अन्य लोगों को आकर्षित व सम्मोहित कर देते हैं, स्वयं खुश रहते हैं, दूसरों को भी हंसाते हैं और वातावरण को खुशहाल बना देते हैं। इनके मित्र आसानी से बनते हैं। इसके विपरीत कुछ अन्य व्यक्ति सदैव गंभीर, निराश व दुःखी रहते हैं। चेहरे पर कभी भी मुस्कुराहट नहीं झलकती और वे और दुखी व परेशान रहते हैं। इतना ही नहीं वे जहां भी जाते हैं वहां का वातावरण भी गमगीन हो जाता है। इनकी सोच नकारात्मक, निराशाजनक होती है। आत्मविश्वास की कमी होती है। अपने कार्यों को गलत समझते हैं, हीन भावना गस्त होते हैं। इस तरह का अवसादी व्यक्तित्व भी एक मनोरोग ही है।
Description: 28
URI: http://hdl.handle.net/123456789/10423
ISSN: 0042-6075
Appears in Collections:VP Vol.59(09) [September 2010]

Files in This Item:
File Description SizeFormat 
VP 59(9) 28.pdf423.73 kBAdobe PDFView/Open    Request a copy


Items in NOPR are protected by copyright, with all rights reserved, unless otherwise indicated.