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VP Vol.59 [2010] >
VP Vol.59(09) [September 2010] >
| Title: | अवसादी व्यक्तित्व - समस्याएं और समाधान |
| Authors: | अग्रवाल, जे. एल. |
| Issue Date: | Sep-2010 |
| Publisher: | निस्केयर- सी एस आई आर, भारत |
| Abstract: | हर व्यक्ति की सोच-समझ, व्यवहार, कार्य करने की इच्छा और व्यक्तित्व भिन्न-भिन्न होते हैं। व्यक्तित्व, जीवन के प्रति नजरिए, जीवन से संतुष्टि, सुख-दुःख, सफलता-असफलता और आत्मविश्वास का प्रतिबिम्ब होता है। कुछ लोगों का व्यक्तित्व प्रभावशाली होता है और वे आसपास मौजूद अन्य लोगों को आकर्षित व सम्मोहित कर देते हैं, स्वयं खुश रहते हैं, दूसरों को भी हंसाते हैं और वातावरण को खुशहाल बना देते हैं। इनके मित्र आसानी से बनते हैं। इसके विपरीत कुछ अन्य व्यक्ति सदैव गंभीर, निराश व दुःखी रहते हैं। चेहरे पर कभी भी मुस्कुराहट नहीं झलकती और वे और दुखी व परेशान रहते हैं। इतना ही नहीं वे जहां भी जाते हैं वहां का वातावरण भी गमगीन हो जाता है। इनकी सोच नकारात्मक, निराशाजनक होती है। आत्मविश्वास की कमी होती है। अपने कार्यों को गलत समझते हैं, हीन भावना गस्त होते हैं। इस तरह का अवसादी व्यक्तित्व भी एक मनोरोग ही है। |
| Page(s): | 28 |
| CC License: | सी सी एट्रीब्यूशन- नॉनकर्मेशियल- नो-डेरिवेटिव वर्क्स 2.5 इण्डिया |
| ISSN: | 0042-6075 |
| Source: | VP Vol.59(09) [September 2010]
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