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Title: कोहराम मचाता बादल आखिर फट ही गया
Authors: शर्मा, कुलदीप
Issue Date: Sep-2010
Publisher: कोहराम मचाता बादल आखिर फट ही गया
Abstract: आसमान में अठखेलियां करते बादल तपती गर्मी के बाद धरती की चाहत होते हैं कि बरसो बदरा बरसो! मगर कहीं ये बादल बिन बरसे सलामी लिए गुजर जाते हैं और सूखे जैसी आपदा पैदा करते हैं तो कहीं वह इस कदर बरसते हैं कि बाढ़ जैसी आपदा लपलपाती है। मगर कहीं दशा उससे भी ज्यादा भयावह होती है क्योंकि पानी ढोते ये बादल फट पड़ते हैं और कहर ढाते हैं। 6 अगस्त 2010 को ऐसा ही कहर कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र में बरपा जो देखते-देखते कितनों को लील गया, तबाह कर गया, क्षेत्रों को जलमग्न कर गया। पस्तुत है बादल फटने की घटना का वैज्ञानिक विश्लेषण।
Page(s): 11-15
URI: http://hdl.handle.net/123456789/10420
ISSN: 0042-6075
Appears in Collections:VP Vol.59(09) [September 2010]

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