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Title: इन्सान बना भगवान
Authors: मिश्र, अरविन्द
Issue Date: Sep-2010
Publisher: निस्केयर- सी एस आई आर, भारत
Abstract: एक नये सूक्ष्मजीव की कोशिका का संश्लेषण कर वैज्ञानिकों ने नई सृष्टि रचना का सूत्रपात कर दिया है। आधुनिक विश्वामित्र की भूमिका में हैं वैज्ञानिक क़्रैग वेन्टर और उनकी टोली। विगत, मई (2010) माह में क़्रैग वेन्टर संस्थान के दो दर्जन वैज्ञानिकों की इस युगान्तरकारी खोज के विश्व प्रसिद्ध शोध-पत्रिका 'साइंस' में छपते ही पूरी दुनिया में सनसनी फैल गई। कहा जाने लगा, देखो, मनुष्य ने अब सृष्टि रचयिता ब्रद्मा को चुनौती दे डाली है। वह सृष्टि के सृजन की भी तैयारी में है। वैज्ञानिकों के बीच क़्रैग वेन्टर के इस नये कारनामे को लेकर एक वैचारिक आँधी आ गई जिसने वैज्ञानिकों को दो खेमों में बाँट दिया। एक ने क़्रैग वेन्टर के नये संश्लेषित जीवन का जहाँ स्वागत किया वहीं दूसरे खेमे ने क़्रैग वेन्टर के इस दावे को सिरे से नकार दिया कि उन्होंने कोई नया जीव बनाया है। साथ ही उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि ऐसे शोध कार्यों के दुष्परिणाम भी सामने आयेंगे। बहस अभी भी जारी है।
Description: 5-9
URI: http://hdl.handle.net/123456789/10418
ISSN: 0042-6075
Appears in Collections:VP Vol.59(09) [September 2010]

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